घटना की विस्तृत जानकारी
भारत‑इंग्लैंड टेस्ट श्रृंखला के चौथे मैच में Rishabh Pant को गंभीर चोट लगी। 24 जुलाई को मैनचेस्टर के एडीबर्ग स्टेडियम में पंट ने 37 रन बनाते हुए रिवर्स स्वीप की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद उनके दाएं पैर से टकरा गई। तुरंत मैदान पर मेडिकल टीम ने प्लेयर को उपचार दिया और गोल्फ कार्ट में बाहर ले जाया गया। दर्द के बावजूद पंट ने बल्लेबाज़ी जारी रखी और 54 रन बनाकर अपनी पारी समाप्त की।
मैच के बाद किए गए एक्स‑रे स्कैन में दाएं पैर में फ्रैक्चर सिद्ध हुआ। इस कारण BCCI ने पुष्टि की कि पंट को अब और खेलने की अनुमति नहीं होगी और वह पाँचवें और निर्णायक टेस्ट में भाग नहीं ले पाएगा। यह पंट की इस श्रृंखला में दूसरी चोट है; पहले लार्ड्स में वाइकलिंक के दौरान उनकी उंगली में चोट लगी थी।
सीरीज पर असर और नई तैनाती
पंट के बिना टीम का संतुलन बिगड़ता दिख रहा है। भारत ने अब तक पाँच टेस्ट में 479 रन बनाए हैं, जिसमें पंट का औसत 68.42 था और दो शतक शामिल हैं। इस योगदान को खोकर भारत को मध्यक्रम में हल्का नुकसान झेलना पड़ेगा, खासकर जब इंग्लैंड ने लार्ड्स में जीत कर और ओल्ड ट्राफ़ोर्ड में ड्रॉ लेकर सीरीज को कसैली बना दिया है।
BCCI ने नारायण जगेदेवन को पंट की जगह चुना है। जगेदेवन का प्रथम‑श्रेणी क्रिकेट रिकॉर्ड प्रभावशाली है—52 मैचों में 3,373 रन, औसत 47.50, 10 शतक और 14 अर्धशतक। उन्हें ईवेंट में जल्द ही लंदन के द ओवल में अपनाने की योजना है, जो 31 जुलाई से शुरू होगा। टीम मैनेजमेंट का कहना है कि जगेदेवन को अभी से तैयार करना होगा और पंट को उसकी रिकवरी पर नजर रखी जाएगी।
आगामी टेस्ट में भारत को दो चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा: पहले तो पंट की विकेट‑कीपरिंग और फिनिशिंग को कवर करना, और दूसरे पंट की बैटिंग पावर को भरना। यदि भारत अपनी मौजूदा फॉर्म को कायम रख पाता है, तो ओवल में बराबरी की राह खुल सकती है। लेकिन इंग्लैंड की ताकतवर बॉलिंग लाइन‑अप और घर के साथ उनके फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला आसान नहीं होगा।
dhawal agarwal
सितंबर 26, 2025 AT 11:58Rishabh Pant ki kahani sirf ek cricketer ki nahi, balki ek puri generation ki himmat ki hai. Usne dard ke bawajood bhi 54 runs banaye, jismein koi bhi ek chhoti si chot ke liye surrender nahi karta. Yehi toh cricket ka asli spirit hai - darr ke aage jeet hai. Hum sabko isse seekhna chahiye ki zindagi mein kabhi koi bhi chot humein rok nahi sakti, agar hum apne dil mein aag rakhein.
Shalini Dabhade
सितंबर 27, 2025 AT 04:11Yeh pant ka bhai kya hai? 37 runs ke baad fracture? Bhai yeh toh ghar pe ghus ke ghar ki chappal se marne ki baat hai. BCCI ko bas ek baar sochna chahiye ki kyun yeh ladke har match mein injury lete hain? 100 runs bana ke bhi nahi bacha, 54 runs banake bhi nahi bacha. Ab jagedevan ko bhi injury de do, phir dekhte hain kya hota hai.
Jothi Rajasekar
सितंबर 28, 2025 AT 02:17Guys, please don’t be harsh on Pant. He’s been through so much already - finger injury at Lords, now this. But he still fought like a warrior. Jagedevan is a solid choice - his first-class stats speak for themselves. Let’s give him space to grow. Cricket isn’t just about one player, it’s about the team. We’ve had legends fall and come back stronger. Pant will too. Just stay positive, support the team, and keep believing.
Irigi Arun kumar
सितंबर 28, 2025 AT 09:15It’s important to understand that the Indian cricket team’s structure has become overly reliant on individual brilliance rather than systemic depth. Pant’s absence exposes a fundamental flaw in our player development pipeline - we groom showmen, not soldiers. The BCCI has spent crores on branding and marketing, but where is the infrastructure for injury prevention, psychological resilience, and rotational bench strength? Jagedevan is a good replacement, yes, but he’s not a solution. The solution lies in building a system where no single player is irreplaceable. Otherwise, every time a star falls, the entire house collapses. We need long-term vision, not short-term panic.
ajinkya Ingulkar
सितंबर 30, 2025 AT 05:54Yeh sab log kya bol rahe hain? Pant ki wajah se hume match haar gaya? Bhai, agar tumhe lagta hai ki ek player ke bina team nahi jeet sakti, toh tum cricket nahi samajhte. India ke paas 15 players hain, aur sab ek hi team ke hain. Jagedevan ko bhi apna mauka do, aur agar koi aise comment karta hai ki 'Pant hi toh sab kuch hai', toh uski soch hi galt hai. Humare paas history hai, humare paas culture hai, humare paas passion hai - aur agar yeh sab khatam ho gaya, toh hum kya khel rahe hain? Khelna hai toh khelo, rokna hai toh ruk jao.